SSLC full form in Hindi – SSLC में फायदे और स्कोप है?

अपने देश में रोजगार का सबसे निचला पायदान 10वीं बोर्ड की परीक्षा में पास होना है। पहले के जमाने में जहां 10वीं पास को आसानी से अच्छी सरकारी नौकरी मिल जाती थी, अब हालात बदल गए हैं।

इन दिनों बड़ी-बड़ी डिग्री हासिल करने वाले बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं। लेकिन इसमें दो राय नहीं कि शिक्षा का स्तर अब भी 10वीं से ऊपर ही तय होता है। एसएसएलसी ही छात्र के आगे बढ़ने पर मुहर लगाती है तो जानते है SSLC full form in Hindi और SSLC क्या है।

SSLC full form in Hindi

SSLC का full form – Secondary school living certificate

SSLC in Hindi – एसएसएलसी यानी सेकेंड्री स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट

SSLC इस बात का प्रमाण है कि छात्र ने भारतीय शिक्षा व्यवस्‍था के तहत 10वीं ग्रेड या सेकेंड्री लेवल की पढ़ाई पूरी कर ली है। भारत में शिक्षा प्रणाली पांच चरणों में बंटी है। इसमें प्राइमरी के बाद सेकेंड्री का ही स्‍थान आता है। हायर सेकेंड्री में प्रवेश के लिए एसएसएलसी जरूरी है।

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SSLC से प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स में प्रवेश –

एसएसलसी पूरी करने के बाद एक छात्र स्पेशलाइजेशन का कोर्स अपनी रुचि के मुताबिक चुन सकता है। इससे उसे यूनिवर्सिटी में प्रवेश की भी भरपूर जानकारी मिलती है। इसे कई दफा दो साल का प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स या पीयूसी भी कहा जाता है। इसके बाद छात्र विश्वविद्यालय में अंडरग्रेजुएट छात्र के तौर पर प्रवेश पा सकता है।

SSLC में क्या स्कोप है?

एसएसएलसी के बाद कुछ छात्र बजाय पीयूसी के औद्योगिक संस्‍थानों में रुख करना चाहते हैं। इंडस्ट्री की यह ट्रेनिंग उन्हें उद्योगों में रोजगार या स्व रोजगार के भी मौके मुहैया कराती है।

यह प्रमाण पत्र हासिल करने के बाद माना जाता है कि छात्र ने अपनी बेसिक स्कूलिंग पूरी कर ली है। अब वह इस ट्रेनिंग के लिए तैयार है।

दरअसल, उसे तकनीकी पेशे में जाने के लिए जरूरी स्किल की ट्रेनिंग मिलती है। इसके अलावा वह पालीटे‌‌िक्‍नक ज्वाइन कर सकता है। तीन साल का डिप्लोमा इंजीनियरिंग में हासिल कर सकता है। इसके बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर सकता है। एसएसएलसी के बाद उसके पास व्यावसायिक शिक्षा के कोर्स में प्रवेश का भी रास्ता खुल जाता है।

SSLC के फायदे?

जब जन्म और मृत्यु का पंजीकरण अनिवार्य नहीं होता था, उस वक्त एसएसएलसी जन्म तिथि प्रमाण-पत्र के रूप में प्रयोग किया जाता था। लेकिन अब भी इसकी महत्ता कम नहीं हुई है। अभी भी हजारों, लाखों ऐसे लोग हैं, जिनके जन्म का पंजीकरण नहीं। ऐसे में उनके पास अपनी उम्र पर मुहर लगाने का यह एक सबसे आसान रास्ता है।

कई देशों में पासपोर्ट को जरूरी कई देशों में रोजगार के लिए जाने वालों को पासपोर्ट हासिल करने के लिए एसएसएलसी जरूरी कर दिया गया है। भारत में सीबीएसई, नेशनल ओपन स्कूल, सीआईएससीई, बोर्ड आफ एजुकेशन जैसे बोर्ड एसएसएलसी कराते हैं।

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SSLC पोस्ट पर हमारी राय

अब पहले का जमाना नहीं, लेकिन इस सर्टिफिकेट की महत्ता अपनी जगह कायम है।

अब भी मां-बाप 10वीं के बोर्ड हों तो घर में टीवी चलाना बंद कर देते हैं। बाहर आना-जाना बंद कर देते हैं। उनकी तमाम दिनचर्या बदल जाती है। बच्चे भी मां-बाप की इस चिंता को समझते हैं। इस परीक्षा का प्रेशर इतना है कि मन मुताबिक नतीजा न मिलने पर कई बच्चे तो अपनी जान भी गंवा देते हैं।

परीक्षा का यह सिस्टम बदलने को सीबीएसई ने ग्रेडिंग प्रणाली शुरू की थी, जिसके तहत साल भर का एसेसमेंट होता था और बच्चों को बजाय टापर बनाने के ग्रेड प्वाइंट दिए जाते थे, लेकिन अब इसमें फिर बदलाव कर पुराने पैटर्न को अपना लिया गया है।

इस पोस्ट में हम ने जाना की SSLC क्या है, क्या स्कोप है और SSLC full form In Hindi. हमे comment में बताये की आपको ये पोस्ट कैसी लगी. कोई सवाल हो तो ज़रूर पूछे.

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