SEBI full form – SEBI किस काम आती है?

SEBI की फुल फॉर्म है – Securities and Exchange Board of India

आपने स्टाक मार्केट के बारे में तो जरूर पढ़ा या सुना होगा। दरअसल, SEBI निवेश से जुड़ी कंपनियों के कारोबार को नियमित करता है। आपने सुना होगा कि कई कंपनियों की मान्यता SEBI रद्द करता है। जरूरत पड़ने पर मान्यत फर्जी कंपनियों, फर्म के खिलाफ कार्रवाई को आधार देता है।

मसलन कोई कंपनी अगर अपनी वित्तीय जरूरत पूरी करने के लिए जनता के बीच जाना चाहती है और आईपीओ लाना चाहती है तो वह SEBI के पास जाकर पहले लिस्टिंग कराएगी ही। शेयरों को लिस्ट‌िंग करने की कार्रवाई यहां होती है। लेकिन क्या अप जानते हैं कि SEBI full form क्या है? अगर नहीं तो हम आपको इसकी तफ्सील से जानकारी देंगे-

SEBI full form in Hindi

SEBI की फुल फॉर्म है – Securities and Exchange Board of India

SEBI in Hindi – सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड आफ इंडिया।

इसे हिंदी में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड है। इसकी स्‍थापना भारत के सिक्योरिटी (प्रतिभूति) मार्केट को रेगुलेट यानी नियमित करने के ल‌िए हुई थी।

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SEBI की शुरुआत

SEBI की स्‍थापना करीब 26 साल पहले 12 अप्रैल, 1992 को की गई थी। इसका मुख्यालय मुंबई में है। इसके चार रीजनल यानी क्षेत्रीय कार्यालय भी हैं, जो नई दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता और अहमदाबाद में हैं। SEBI ने जयपुर और बैंगलोर में भी क्षेत्रीय कार्यालय स्‍थापित किए हैं।

SEBI को ठीक तरह से कार्य करने के लिए कुछ जरूरी शक्तियां और अधिकार भी दिए हैं। मसलन वह वित्तीय मध्यस्थों के खातों, पुस्तकों की जांच करता है। अपने कार्य करने के लिए बिचौलियों पर फीस और दूसरी कई फीस लगाता है। कुछ कंपनियों को अपने शेयरों को एक या अधिक शेयर बाजारों में सूचीबद्ध करने के लिए सुनिश्चित करने की कार्रवाई करता है। आईपीओ लाने के लिस्टिंग का प्रावधान है। यानी

SEBI किस काम आती है?

किसी भी कंपनी को आईपीओ लाने के लिए उसका SEBI में सूचीबद्ध या लिस्टिंग किए जाने का प्रावधान किया गया है। इसका मतलब यह है कि अगर कोई कंपनी बाजार से पैसा उठाना चाहती है और इसके लिए लोगों को शेयरों के प्रति खींचने का रास्ता अपनाती है तो उसे यह कदम उठाना पड़ता है। फर्जी कंपनियों की शिकायत भी यहां की जा सकती है।

SEBI के लिए course भी है

कामर्स के स्टूडेंट्स हों या इकोनामिक्स के स्टूडेंट वह SEBI के बारे में जानते हैं। लेकिन कई छोटे कोर्स भी अब कराए जा रहे हैं, जिनमें स्टाक मार्केट के साथ ही SEBI की भी जानकारी दी जा रही है।

यह कोर्स 12वीं के विद्यार्थियों के लिए डिजाइन किए जा रहे हैं। इनका मकसद यही है कि छोटी उम्र से ही छात्र SEBI के बारे में जानें। मसलन कि जब वह कारोबार के लिए फील्ड में उतरें तो वह इससे अंजान न हों। उन्हें इसकी कार्रवाई के बारे में पता हो। उन्हें यह पता हो कि शेयर मार्केट की कार्रवाई कैसे होती है या स्टाक मार्केट की गतिविधियां क्या होती हैं, ताकि वह किसी भी तरह के फर्जीवाड़े में न फंसे।

आपको बता दें कि कई तरह के घोटाले भी शेयर और स्टाक मार्केट में होते हैं। इस तरह की गतिविधियों पर भी गाइड लाइन तय की गई है।

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SEBI पोस्ट पर हमारी राय

इस पोस्ट में हम ने जाना SEBI क्या है, SEBI के फायदे और SEBI full form in Hindi के बारे में. हमे comment में बताये की आपको ये पोस्ट कैसी लगी. कोई सवाल हो तो ज़रूर पूछे.

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