Planets names in Hindi – ग्रहों के हिन्दी मे नाम

Planets names in Hindi – आप सभी ग्रहों का नाम English भाषा में तो जानते ही होंगे। लेकिन क्या आप सभी ग्रहों के नाम हिन्दी तथा अंग्रेजी दोनों ही भषाओं में जानते हैं? अगर आप सभी ग्रहों के नाम दोनों भाषाओ में नहीं जानते है और आप जानना चाहते हैं कि इन सभी ग्रहों को हिन्दी तथा अंग्रेजी भाषा में क्या कहा जाता है तो आप बिल्कुल सही ज़गह पर हैं।

क्योंकि आज हम आपको Planet names in Hindi तथा English दोनों ही भषाओं में बताने वाले हैं। दोस्तों ग्रहों का नाम हिन्दी मे बताने के साथ ही हम आपको उस ग्रह से जुड़ी कुछ ख़ास बाते भी बताने वाले हैं।

Planets names in Hindi and English

planets names in Hindi

Planets names in Hindi

1. Mercury (बुध) –

बुध सौरमरण्डल का सबसे पहला और सूर्य के सबसे पास में स्थित ग्रह हैं। सूर्य के बेहद क़रीब स्थित होने के कारण इस ग्रह पर दिन काफ़ी गर्म होता है वहीं यहाँ पर रात के समय काफ़ी ठंड हो जाती है। ये ग्रह पृथ्वी से काफ़ी छोटा है, पृथ्वी इससे आकार में लगभग 18 गुना बड़ी है। यहाँ पर Gravity भी पृथ्वी का 3/8 होती है।

बुध ग्रह अपनी धुरी पर घूमनें के साथ ही सूर्य के चारों तरफ़ भी चक्कर लगाता रहता है। ये अपने धुरी पर एक चक्कर 58.65 दिन में तथा सूर्य का चारों तरफ़ 88 दिन में अपना एक चक्कर पूरा करता है। यहाँ पर जीवन असंभव है।

2. Venus (शुक्र)

Venus यानी की शुक्र सौरमंडल का दूसरा ग्रह है। बुध के बाद सूर्य के सबसे निकट स्थित ग्रह शुक्र है, यह बेहद चमकीला होता है इसलिए इसे ‘चमकता हुआ तारा’ भी कहा जाता है। आकार में यह लगभग पृथ्वी के बराबर ही होता है इस वजह से इसे पृथ्वी की बहन भी कहा जाता है।

शुक्र पर दिन और रात में तापमान लगभग सामान्य होता है यह सूर्य की एक परिक्रमा लगभग 284 दिनों में पूरा करती है। शुक्र पर भी अभी जीवन संभव नहीं हो सका है।

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3. Earth (पृथ्वी)

पृथ्वी सौरमंडल के तीसरे ग्रह के रूप में जाना जाता है।अभी तक सौरमंडल में जितने भी ग्रह है उनमें से सिर्फ पृथ्वी पर ही जीवन संभव हो सका है। हालांकि अन्य ग्रहों पर भी जीवन होने की संभावना की तलाश की जा रही है। पृथ्वी का एक अपना उपग्रह भी है जिसे चंद्रमा कहा जाता है।

चंद्रमा पृथ्वी के चारों तरफ चक्कर लगाता है तथा पृथ्वी सूर्य के चारों तरफ चक्कर लगाती है। पृथ्वी सूर्य चारों तरफ एक चक्कर लगाने में लगभग 365 दिन का समय लेती है जिसे की 1 वर्ष कहा जाता है। पृथ्वी पर सामान्य तापमान तथा जीवन के लिए जरूरी सभी तत्व विद्यमान है.

इस वजह से ही यहां पर जीवन संभव है। पृथ्वी अपनी धुरी पर अपना एक चक्कर 24 घंटे में पूरा कर लेती है, जिसे कि एक दिन कहा जाता हैं। पृथ्वी के Axis पर ही घूमनें के कारण यहाँ पर दिन और रात होती है।

वैसे तो पृथ्वी का आकार गोलाकार माना जाता है लेकिन ये अपने ध्रुवों पर थोड़ी चपटी भी है। इसके साथ ही ये अपने ध्रुवों पर थोड़ी झुकी हुई है जिस वज़ह से यहाँ पर ऋतु परिवर्तन भी होता है। पृथ्वी अपने ध्रुव पर 23.5 Degree के कोण पर झुकी हुई है।

4. Mars (मंगल) –

सौरमरण्डल के चौथे ग्राह का नाम है मंगल। पृथ्वी के बाद मंगल हो वो दूसरा ग्रह है जहाँ पर जीवन संभव होने का Proof मिल चुका है। संभव है कि आगे जा के कुछ वर्षों में मंगल पर भी लोग रहना शुरू कर दें। मंगल ग्रह भी अपनी धुरी पर झुकी हुई है जिस वज़ह से यहाँ पर भी Weather में Changes होते रहते हैं। इसके साथ ही मंगल पर पानी के होने का भी Proof मिल चुका है।

5. Jupitar (बृहस्पति) –

सौर मंडल के पाँचवे ग्रह का नाम जूपिटर यानी कि बृहस्पति है। यह सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह के रूप में भी जाना जाता है। बृहस्पति सूर्य के चारों तरफ एक चक्कर लगाने में लगभग 11.9 वर्ष का समय लेती है। इस ग्रह में हाइड्रोजन तथा हीलियम गैस काफी भारी मात्रा में पाया जाता है।

बृहस्पति पर भी अभी तक जीवन संभव नहीं हो सका है। यह ग्रह पृथ्वी से भी कई गुना बढ़ा है इसके बड़े होने का अंदाजा आप इससे ही लगा सकते हैं कि इस ग्रह के लगभग 69 उपग्रह हैं, जोकि इस के चारों तरफ़ हमेशा चक्कर लगाते रहते हैं।

6. Saturn (शनि) –

शनि सौरमंडल के छठे ग्रह के रूप में जाना जाता है। इसके साथ ही आकार में भी यह बृहस्पति के बाद दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है। इस ग्रह के कुल 62 उपग्रह है जो कि इसके चारों तरफ़ चक्कर लगाते हैं। इसके साथ ही ये सौरमरण्डल के दूसरे ऐसे ग्रह के रूप में भी जाना जाता है जिसके सबसे ज़्यादा उपग्रह मौजूद है।

इस ग्रह पर बहुत से विखण्डित तत्व भी मौजूद हैं जो कि इस ग्रह के चारों तरफ़ एक Ring सा घेरा बनाते हैं। इस वज़ह से ये ग्रह सौरमण्डल के अन्य सभी ग्रहों से अलग दिखता है।

7. Uranus (अरुण) –

यूरेनस या फिर अरुण ग्रह सौरमंडल के सातवें ग्रह के रूप में जाना जाता है। इस ग्रह पर Methane गैस काफी अधिक मात्रा में पायी जाते हैं शायद इसी वजह से यहां पर जीवन संभव नहीं हो पाया है। इस ग्रह के कुल 15 उपग्रह है जो कि हमेशा इसके चारों तरफ चक्कर लगाते रहते हैं। इसके साथ ही यह ग्रह सूर्य के चारों तरफ अपना एक चक्कर पूरा करने में लगभग 84 वर्ष का समय लगा देता है।

8. Neptune (वरुण) –

वरुण ग्रह सौरमंडल में सूर्य से सबसे अधिक दूरी पर स्थित ग्रह है। इस वजह से ये काफी ठंडा रहता है। वैज्ञानिकों द्वारा यह भी दावा किया गया है कि इस ग्रह पर अभी भी Active ज्वालामुखी मौजूद है। यानी कि अभी भी यहां पर ज्वालामुखी का विस्फ़ोट लगातार होता रहता है। इस ग्रह के सिर्फ दो उपग्रह हैं जो कि हमेशा इसके चारों तरफ़ चक्कर लगाते रहते हैं।

Pluto के बारे में भी जाने

दोस्तो साल 2006 के पहले सौरमण्डल में स्थित ग्रहों की संख्या 9 मानी जाती थी। लेकिन 3 सितम्बर साल 2006 में वैज्ञानिकों की एक बैठक में निर्णय लेकर इसे ग्रहों की सूची से बाहर कर दिया गया। Scientist द्वारा इसे Dwarf ग्रह कहा गया। इस Dwarf ग्रह का नाम है ‘Pluto’ (प्लूटो) । इस ग्रह की खोज़ 1930 में Scientist Clyde Tombaugh द्वारा की गयी थी। जिसके बाद इसे सौरमरण्डल के 9वें ग्रह के रूप में Accept गया था।

लेकिन बाद के खोज़ में Scientist ने ये Observe किया कि ये कोई ग्रह नहीं है बल्कि एक पिण्ड मात्र है। इसी वज़ह से साल 2006 में इसे ग्रहों की List से बाहर कर के इसे Dwarf Planet का नाम दिया गया। Pluto को सूर्य का एक चक्कर लगानें में लगभग 284 वर्ष का समय लगता है।

Scientist का मानना है कि Pluto ना तो एक Complete Planet है और ना ही Complete Satellite। इसी वजह से इसे Dwarf Planet के Group में रखा गया है। साल 2008 में IUA की Meeting में Pluto के साथ ही Haumea, Makemake, Ceres, तथा Eris की भी पहचान Dwarf Planet के रूप में की थी।

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Planet पोस्ट पर हमारी राय

दोस्तो ग्रहों के बारे में खोज़ आज से लगभग हज़ारों साल पहले ही मानव ने शुरू कर दी थी। आर्यभट्ट तथा कई अन्य Scientist ने आज से हज़ारों साल पहले ही ग्रहों के बारे में Research करना शुरू कर दिया था। हमारा सौरमरण्डल इतना बड़ा है कि अभी तक लोगों को इसकी पूरी जानकारी नहीं हासिल हो सकी है।अभी भी लगातार वैज्ञानिक तथा खगोलशास्त्री ग्रहों के बारे में और अधिक जानकारी जुटाने में लगे हैं।

इस पोस्ट में हम ने जाना प्लेनेट क्या है, Pluto के बारे में और Planets names in Hindi के बारे में. हमे comment में बताये की आपको ये पोस्ट कैसी लगी. कोई सवाल हो तो ज़रूर पूछे.

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