MP full form in Hindi – MP क्या है?

MP meaning – Member of Parliament

राजनीति में आने को लोग ताकत, रसूख से जोड़कर देखते हैं, जो इस वक्त भारतीय सिस्टम को देखते हुए सच भी लगता है। लेकिन ज्यादातर लोगों की बात करें तो वह राजनीति यानी पालिटिक्स को अच्छी निगाह से नहीं देखते। यही वजह है कि आम आदमी अपने बच्चे को डाक्टर या इंजीनियर बनना चाहता है, लेकिन वह यह नहीं चाहता कि उसका बेटा नेता बने या राजनीति करे। इसकी एक वजह यह भी है कि भारत में परिवारवाद की राजनीति हावी है। लोग मानते हैं कि एक बड़े नेता की जगह उसका बेटा या बेटी ही लेगी, या फिर वह जिसके ताल्लुकात पार्टी में ऊपर बैठे लोगों से बेहतर हों। इन दिनों फिर भी पढ़े-लिखे युवाओं का राजनीति में साफ सुथरा माहौल देने के मकसद से एमपी, एमएलए बनने के लिए इस मैदान में उतरने का ट्रेंड देखा जा रहा है। आज हम आपको MP full form in Hindi और इससे जुड़े कई पहलुओं की जानकारी देंगे।

MP full form in Hindi

MP की फुल फॉर्म – Member of Parliament

MP in Hindi – संसद सदस्य।

इसे सांसद भी कहा जाता है। इनका चुनाव जनता करती है। इसके लिए बाकायदा चुनाव होता है। भारत में संसद यानी पार्लियामेंट के दो सदन होते हैं। उच्च सदन राज्यसभा और फिर लोकसभा। दोनों के ही सदस्य एमपी यानी सांसद कहलाते हैं। लोकसभा की 545 सीटें हैं, जिनमें से दो नामित सदस्य होते हैं। इस वक्त राज्यसभा सदस्यों की संख्या 245 है। देश का उप-राष्ट्रपति राज्यभा का सभापति होता है। लोकसभा स्पीकर के सहारे चलती है।

ये भी जाने –

लोक सभा के क्या काम है?

अगर हम लोकसभा की बात करें, तो लोकसभा सबसे अहम अंग है। देश में लोकसभा चुनाव में जिस भी पार्टी को सबसे अधिक वोट प्राप्त होते हैं। सामान्य रूप से उसी पार्टी का नेता प्रधानमंत्री बनता है। कई बार किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिलता। ऐसे में अन्य पार्टियों के समर्थन से सरकार बनती है और इस गठबंधन की सहमति से किसी एक व्यक्ति या नेता को प्रधानमंत्री चुन लिया जाता है। बदले में गठबंधन पार्टी के नेताओं को पद से नवाजने की भी परंपरा रही है। लोकसभा सदस्य का कार्यकाल पांच साल का, जबकि राज्यसभा सदस्य का कार्यकाल छह साल का होता है।

MP बनने के लिए eligibility

MP  यानी लोकसभा सदस्य बनने के लिए सबसे पहली और सबसे महत्वपूर्ण शर्त व्यक्ति का भारतीय नागरिक होना है।  इसके लिए न्यूनतम आयु 25 साल निर्धारित की गई है। यह आवश्यक किया गया है कि वह किसी भी सरकारी लाभ के पद पर न हो। इसके साथ ही पागल या दिवालिया भी न हो। उसका पहले से वोटर होना भी अहम है। वहीं,  राज्यसभा सदस्य बनने के लिए व्यक्ति का भारतीय नागरिक होना तो जरूरी है ही,  यह भी आवश्यक है कि न्यूनतम 30 वर्ष की आयु पार कर चुका है। उस पर कोई आपराधिक मामला नहीं होना चाहिए।

हमारे देश की धुरी राजनीति और राजनेताओं के इर्द-गिर्द घूमती है। इन दिनों राजनेताओं के भ्रष्टाचार के किस्से बड़े आम रहे हैं। ऐसे में त्रिपुरा के सीएम जैसे साइकिल पर कार्यालय आने वाले राजनेताओं के किस्से जनता को लुभाते हैं। ईमानदारी एक ऐसा गुण है, जो जनता अपने राजनेता में ढूंढती है। लेकिन उसकी यह उम्मीद चुनाव के वक्त धराशाई हो जाती है। जब हाथ-पांव जोड़कर वोट हासिल करने के बाद राजनेता जनता को हाशिए पर धकेल देते हैं।

ये भी जाने –

SSC एग्जाम की पूरी जानकारी

AADHAR CARD की जानकारी और इसके फायदे

MP पोस्ट पर हमारी राय

इस पोस्ट में हम ने जाना की MP क्या है और MP full form in Hindi. हमे comment में बताये की आपको ये पोस्ट कैसी लगी. कोई सवाल हो तो ज़रूर पूछे.

सीखो सिखाओ, India को digital बनाओ

Leave a Reply

error: