DNA full form in Hindi – DNA क्या है?

DNA full form – Deoxyribonucleic Acid

दोस्तों आप सभी मे DNA के बारे में तो जरूर ही सुना होगा। वहीं अगर आप Biology के Field में थोड़ा Interest रखते हैं तो निश्चित रूप से अपने DNA के बारे में जानते होंगे।

लेकिन अगर बात की जाए DNA के फुलफॉर्म की तो बहुत कम लोगो को ही DNA का फुलफॉर्म पता होता है।

ऐसे में अगर आप DNA का फुलफॉर्म जानने के साथ ही इससे जुड़ी अन्य बाते भी जानना चाहते हैं तो आप बिल्कुल सही जग़ह पर हैं. क्योंकि आज के इस Article में हम आपको ना सिर्फ़ DNA का फुलफॉर्म बताने वाले हैं बल्कि इससे जुड़ी अन्य सभी important बाते बताने वाले हैं।

सबसे पहले जानते हैं कि DNA का फुलफॉर्म क्या होता है?

DNA full form in Hindi

DNA का फुलफॉर्म – Deoxyribonucleic Acid

DNA in Hindi – डिओक्सि राइबोन्यूक्लिक एसिड

अगर बात की जाए DNA के फुलफॉर्म के हिन्दी मे अर्थ की तो इसे हिन्दी मे डिओक्सि राइबोन्यूक्लिक अम्ल कहा जाता है।

DNA क्या है?

DNA जीवित कोशिकाओं के गुणसूत्रों में पाए जाने वाले तन्तु के आकार के Molecule को कहते हैं। वहीं DNA का एक Molecule 4 अलग-अलग Nucleotides से मिलकर बना होता है। इन चारों Nucleotides के नाम Adenine, Gwanin, Thymine, Cytosine है।

DNA के काम क्या है?

दोस्तों हम सभी इतना तो जानते ही हैं कि हमारा शरीर लाखों, करोड़ों कोशिकाओं से मिलकर बना हुआ है। इन कोशिकाओं यानी कि Cells के कारण ही हमारा शरीर विकास करता है तथा शरीर की सारी गतिविधि इन्ही Cells की स्थिति पर ही निर्भर करती है।
अगर हमारे शरीर के सभी Cells Dead हो जायें तो हमारा शरीर भी मृत हो जाएगा। ऐसे में इन सभी Cells को जीवित रखने का काम DNA करता है

DNA की पहचान

हर व्यक्ति के शरीर मे पाया जाने वाला DNA अलग-अलग तरह का होता है जो कि उसके माता-पिता तथा पूर्वजों के DNA से Match करता है। किसी भी व्यक्ति का DNA उसके माता-पिता के DNA से बिल्कुल मिलता है। इस वज़ह से किसी व्यक्ति के DNA को Check कर के उसके माता-पिता का पता लगाया जा सकता है।

दोस्तों DNA के फुलफॉर्म तथा इससे जुड़ी important बातो को तो हमने जान लिया, अब आइये इसी क्रम में हम थोड़ा DNA की History के बारे में भी जान लेते हैं।

History of DNA –

DNA के ख़ोज की शुरुआत सन 1869 में स्विस Scientist Friedrich Miescher द्वारा की गयी थी। उन्होंने इसे ‘Nucleon’ नाम दिया था। इसके बाद साल 1909 में Phoebus Levene ने DNA के सही रूप को दुनिया के सामने लाया।

Phoebus Levene ने ही सबसे पहली बार इस बात का ख़ुलासा किया कि प्रत्येक व्यक्ति का DNA अनुवांशिक होता है। यानी कि किसी व्यक्ति के DNA से उसके वंश का तथा उसके माता-पिता का पता लगाया जा सकता है। इसीलिए Phoebus Levene को DNA का जनक माना जाता है।

वहीं अगर बात की जाए Fingerprint द्वारा DNA पहचान करने की तो इसका श्रेय भारतीय वैज्ञानिक लालजी सिंह को जाता है।
लालजी सिंह ने ही किसी भी व्यक्ति के Fingerprint मात्र से ही उसके DNA का पता लगाने की ख़ोज की थी। उनके इस योगदान के लिए उन्हें ‘DNA Fingerprint Technology’ का पिता माना जाता है। लालजी सिंह के इस योगदान के बदौलत ही आज के समय में दुनियाभर में विभिन्न Criminal Cases को सुलझाया जा सका है।

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DNA पोस्ट पर हमारी राय

हर व्यक्ति का DNA ख़ास होता है जो कि सिर्फ़ उसके माता-पिता के DNA से ही मिलता है। आज के समय DNA की पहचान कर के ना सिर्फ़ विभिन्न Criminal Case सुलझाए जाते हैं बल्कि इससे लोगो को Identify भी किया जाता है।

इस पोस्ट में हम ने जाना DNA क्या है, क्या काम करता है, DNA की पहचान और DNA full form in Hindi।

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