CBSE full form – CBSE board क्या है?

बच्चे चाहे हिंदी में पढ़ाई कर रहे हों या अंग्रेजी में। उनका स्कूल किसी ने किसी बोर्ड से संबंधित होता है, ऐसा इसलिए ताकि परीक्षा पास करने के बाद संबंधित बोर्ड का प्रमाण-पत्र मिले। यह अगली कक्षा में जाने के लिए सबसे अहम दस्तावेज माना जाता है। भारत में ‌शिक्षा का सबसे प्रमुख पड़ाव 10वीं और इसके बाद 12वीं होता है। और इसकी परीक्षा संचालित करने का जिम्मा कुछ शिक्षा बोर्ड के पास होता है।

कई राज्यों के अपने बोर्ड होते हैं, जो राज्य के स्कूलों को संबद्वता देते हैं। उनके लिए परीक्षा कराते हैं और फिर नतीजा घोषित करते हैं। मसलन यूपी बोर्ड, उत्तराखंड बोर्ड आदि। लेकिन कुछ केंद्रीय बोर्ड होते हैं, जिनका काम देश भर के स्कूलों से होता है। CBSE भारत का ऐसा ही अहम केंद्रीय शिक्षा बोर्ड है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि CBSE full form क्या है? इसका मुख्य काम क्या है? अगर आपका जवाब न में है तो भी चिंता की जरूरत नहीं। आप बस नीचे पढ़ते चले जाइए-

यह है CBSE की फुल फार्म

CBSE यानी सीबीएसई की फुल फार्म है – Central board of secondary education.

इसे सेंट्रल बोर्ड आफ सेकेंड्री एजुकेशन या हिंदी में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड भी पुकारते हैं। स्कूलों को मान्यता देना, 10वीं और 12वीं की परीक्षा संचालित कराना और सिलेबस बनाना और अपडेट करना इसके प्रमुख काम हैं।

CBSE board के काम

CBSE 10वीं और 12वीं के लिए परीक्षाएं आयोजित करने के साथ ही अखिल भारतीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्ष यानी एआईईईई और अखिल भारतीय प्री-मेडिकल परीक्षा यानी एआईपीएमटी का भी आयोजन करता है। CBSE ने 10वीं में एक बार फिर से सालाना परीक्षा प्रणाली शुरू कर दी है, जबकि इससे पहले उसने ग्रेडिंग प्रणाली लागू की थी। इसका मकसद यह ‌था कि किसी भी बच्चे को टाप न दिखाकर उसके ग्रेड्स जारी किए जाते थे, ताकि दूसरे बच्चे हीन भावना का शिकार न बनें। उनका सर्वांगीण विकास हो।

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CBSE board की शुरुआत

CBSE की स्‍थापना 1952 में हुई। 1962 में इसका पुनर्गठन कियागया। शुरू में बोर्ड की स्‍थापना का मकसद 10वीं और 12वीं के लिए सार्वजनिक परीक्षाएं कराना, बोर्ड से जुड़े स्कूलों के छात्रों को अर्हता प्रमाण-पत्र देना, ट्रांसफर वाली जाब करने वाले माता-पिता के बच्चों की शैक्षिक जरूरतों को पूरा करना, परीक्षाओं के लिए सिलेबस तैयार करना और इन्हें अपडेट करना, साथ ही विद्यालयों को संबद्वता प्रदान करना।

CBSE board के काम करने का तरीका क्या है?

CBSE ने अपना काम हल्का करने के लिए इन्हें क्षेत्रीय कार्यालयों की स्‍थापना कर बांट दिया है। क्षेत्रीय कार्यालय अजमेर, चेन्नई, इलाहाबाद, गुवाहाटी, पंचकूलाऔर दिल्ली में भी हैं। देश के बाहर स्थित स्कूल दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय के तहत आते हैं। मुख्यालय यानी हेडक्वार्टर नई दिल्ली ही है, जो सभी क्षेत्रीय कार्यालयों की गतिविधियों पर नजर रखता है। सभी नीतिगत मामलों यानी पालिसी मैटर्स पर फैसला मुख्यालय ही करता है। जबकि प्रशासन से जुड़े मसले, सभी विद्यालयों से संपर्क, परीक्षा से पहले और उसके बाद की व्यवस्‍था यह सब क्षेत्रीय कार्यालयों के ही जिम्मे है।

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CBSE पोस्ट पर हमारी राय

इस पोस्ट में हम ने जाना CBSE क्या है, CBSE की शुरुआत और CBSE full form in Hindi. हमे comment में बताये की आपको ये पोस्ट कैसी लगी. कोई सवाल हो तो ज़रूर पूछे.

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