Bond क्या है – शेयर और बांड में क्या फर्क है?

Bond एक ऐसा Certificate होता है जो कि आपको किसी Company या Government द्वारा उन्हें कुछ पैसे देने के एवज़ में दिया जाता है। अक्सर लोग Bond और शेयर को लेकर काफ़ी Confuse रहते हैं। लोगों को लगता है कि Bond और शेयर एक ही चीज़ है, लेकिन वास्तव में ऐसा होता नहीं है। इसीलिए आज हम आपको Bond से जुड़ी सारी बाते बताने वाले हैं ताकि आपको Bond और शेयर के बीच का अन्तर समझ आ जाये।

Bond क्या है?

जब सरकार या फ़िर किसी Company को Fund की ज़रूरत होती है तो वो जनता से पैसे इकट्ठे करने के लिए संस्था या फ़िर Company के नाम का Bond ज़ारी करती है।

इस Bond को कुछ समय के लिए Company बेचती है। जब कोई भी व्यक्ति इस Bond को ख़रीदता है तो उसे इस पैसे के एवज़ में कुछ निश्चित ब्याज़ भी दिया जाता है। वहीं Bond की Validity ख़त्म होने पर उसे उसके पूरे पैसे भी वापस कर दिए जाते हैं।

साधारण तरीक़े से इसे इस तरह से समझा जा सकता है कि किसी भी Company या सरकार को जब कुछ उधार पैसों की ज़रूरत होती है तो वो Bond ज़ारी कर के जनता से पैसा Collect करते हैं। Company विभिन्न राशियों के Bond को अलग़-अलग़ Time Validity के लिए ज़ारी करती है। अब कोई भी व्यक्ति अपनी सीमा के अनुसार इस Bond को ख़रीद कर इसके ब्याज़ को कमा सकता है।

Bond तथा शेयर में अन्तर?

अक्सर लोगो को लगता है कि Bond और शेयर एक ही चीज़ है। लेकिन ऐसा नहीं है। Bond Company द्वारा तब बेचा जाता है जब उसे उधार पैसों की ज़रूरत होती है। यानी कि कुछ समय के बाद Company आपके पैसे को ज्यों का त्यों लौटा देती है। इसके साथ ही इस पैसे के लिए Company आपको कुछ ना कुछ ब्याज़ निश्चित रूप से देती है।

वहीं शेयर एक तरह से Company में किये गए Investment को कहते हैं। किसी भी Company का शेयर ख़रीदने के बाद आप उस Company के कुछ फ़ीसदी मालिक बन जाते हैं।

अब आपके द्वारा जो भी पैसा Company के शेयर के रूप में लगाया गया है उसका Return Company की Growth पर Depend करता है। अगर Company काफ़ी अच्छा Growth कर रही है और काफ़ी मुनाफ़े में हैं तो ऐसे समय मे अपना शेयर का पैसा निकालने पर आपको भी काफ़ी मुनाफ़ा हासिल होगा। लेकिन अगर Company घाटे में चल रही है और लगातार उसे नुक़सान हो रहा है तो ऐसे समय पर शेयर का पैसा निकालने पर आपको भी नुक़सान उठाना पड़ेगा।

शेयर का पैसे का Return पूरी तरह से Company के Growth पर ही निर्भर करता है। इसीलिए शेयर Market में पैसे Invest करते समय आपको विशेष सावधानी रखने की जरूरत पड़ती है। शेयर मार्केट में कब पैसा Invest करना है और कब इससे पैसा Return लेना है, इसके लिए Expert की सलाह जरूर लें, अन्यथा आपको भारी नुक़सान उठाना पड़ सकता है।

Bond में आपका पैसा पूरी तरह से सुरक्षित रहता है, इसमें आपके पैसे के Return की पूरी गारन्टी होती है। Bond के पैसे में मिलने वाला Return निश्चित होता है लेकिन शेयर मार्केट में Invest हुए पैसे का Return अनिश्चित होता है। ये इन दोनों के बीच का मुख्य अन्तर है।

Bond के प्रकार?

भारत मे कई तरह के Bond चलाये जाते है जो कि भिन्न-भिन्न कम्पनियों तथा संस्थाओं द्वारा ज़ारी किये जाते हैं। इन्हें निम्न भागों में बाँटा गया है

1. Public Sector Bond

जो Bond Public Sector की कम्पनियों द्वारा जारी किए जाते हैं उन्हें Public Sector Bond कहते हैं। इनके Bond की Maturity Limit 5-10 साल के बीच होती है।

2. Corporation Bond

ये Bond कॉर्पोरेट कम्पनियों द्वारा ज़ारी किया जाता है। इस Bond को ख़रीदने वाले Customer को कम्पनी द्वारा निश्चित राशि का ब्याज़ दिया जाता है।

3. Deep Discount Bond

ये एक ऐसा Bond होता है जिसमें Customer को ब्याज़ नहीं दिया जाता है। Bond की Maturity होने पर Customer को Bond के अंकित मूल्य का ही भुगतान कर दिया जाता है।

4. Bank का Bond

इस Bond को किसी Bank द्वारा ही ज़ारी किया जाता है। Bank द्वारा ज़ारी किये गए इस Bond के लिए Customer को काफ़ी अच्छा Interest दिया जाता है। इसीलिए अधिकतर लोग Bank द्वारा ज़ारी किये गए Bond में ही Invest करना पसन्द करते हैं।

5. परिवर्तनीय Bond

ये एक ऐसा Bond होता है जिसमें Bond ज़ारी करने वाली Company या संस्था Customer को इसकी Maturity Limit Change करने का अधिकार देती है। अतः इस Bond को ख़रीदने के बाद आप जब चाहें अपने पैसे का Return ले सकते हैं।

6. Tax Saving Bond

अगर आप लम्बे समय तक Bond में पैसा Invest करना चाहते हैं तो आपके लिए Tax Saving Bond सबसे बेहतर विकल्प है। इस Bond को ख़रीदने पर आपको Tax में पूरी छूट दी जाती है। Tax Saving Bond अक्सर अर्ध सरकारी या फ़िर सरकार द्वारा समर्थित कंपनियों द्वारा दिया जाता है।

कैसे और कब करें Bond में Invest?

अगर आपके पास वर्तमान समय मे अच्छी-खासी रक़म मौजूद है, जिसका अभी आपको कोई विशेष काम नहीं है। लेकिन कुछ सालों के बाद आपको इस पैसे की जरूरत पड़ सकती है, तो Bond में Invest करना आपके लिए सबसे अच्छा Business होगा।

आप अपने ज़रूरत के अनुसार समय का निर्धारण करके Bond की Maturity निर्धारित कर सकते हैं। ऐसे में उस तक आप अपने इस पैसे से ब्याज़ का लाभ ले सकते हैं तथा आपके जरूरत के समय मे मूलधन भी आपके पास Safe बचा रहेगा।

Bond में Invest करते समय किसी Expert की सलाह जरूर लें। अक्सर ऐसा होता है कि Bond को ज़ारी करने वाली Company इसकी राशि को लौटाने में असमर्थ हो जाती है। ऐसे में आपको नुक़सान उठाना पड़ सकता है। इसीलिए किसी भी Company का Bond ख़रीदते समय उसके बारे में अच्छी तरह से जान और समझ लें। इसके बाद ही उसके Bond में अपना Investment लगायें।

वहीं Bond की Maturity का निर्धारण करने में भी पर्याप्त सावधानी रखें।

Bond पोस्ट पर हमारी राय

Bond में निवेश वैसे तो Safe Investment माना जाता है लेकिन कई बार इसमें Investor को नुक़सान भी उठाना पड़ जाता है। इसीलिए किसी भी Company का Bond ख़रीदते समय Expert की सलाह जरूर लें।

हमे comment में बताए की आपको हमारी पोस्ट Bond क्या है कैसी लगी? कोई सवाल हो तो ज़रूर पूछे।

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