Bakri palan कैसे करें?

पशुपालन एक ऐसा Business है जिसमें बेहद कम Investment में ही अच्छा मुनाफ़ा कमाया जा सकता है। लोग पशुपालन के Business में कई तरह के पशुओं का पालन और उनसे जुड़े विभिन्न Product को Market में बेंच कर अच्छी कमाई कर रहे है। वैसे तो हर पशु के पालन में फायदा है लेकिन इनमें बहुत से पशु ऐसे भी है जिन्हें पालने में वाक़ई में काफ़ी फ़ायदा है।

ऐसे में आज हम आपको बकरी पालन से जुड़ी जानकारी देने वाले हैं। Bakri palan बेहद फ़ायदे का सौदा है, आप इसे बड़े पैमाने पर कर सकते हैं।

बकरी पालन का Business कैसे शुरू करें?

Bakri palan business ideas in Hindi और इनको करने का तरीका

Bakri palan कैसे करें?

बकरी पालन का Business शुरू करने के संदर्भ में हम आपको यही सलाह देंगे कि आप ‘बारबरी बकरी’ का पालन ही शुरू करें।

आपको बता दें कि ‘बारबरी’ बकरी की एक ऐसी प्रजाति है जिसे चराने की भी जरूरत नहीं होती है। इसे आप गाय और भैंस की तरह एक जग़ह पर ही रखकर चारा खिला सकते हैं। ऐसे में इसके पालन में ज़्यादा परेशानी नहीं होती है। इसके साथ ही बारबरी बकरी की प्रजनन क्षमता भी अधिक होती है। अगर कोई व्यक्ति इस प्रजाति की 10 बकरी से पालन शुरू करता है तो मात्र एक साल के भीतर ही इनकी संख्या 10 से 25 हो जाती है। अतः बारबरी बकरी हर तरह से आपके लिए फ़ायदे का सौदा साबित हो सकती है।

आइये यहाँ पर समझ लेते हैं कि आपको इस Business को शुरू करने के लिए कौन से मुख्य साधन की जरूरत पड़ेगी।

Bakri Palan के लिए ज़रूरी साधन?

बकरी पालन के लिए आपको एक शेड बनवाने की जरूरत पड़ेगी। आप 1 या 2 एकड़ ज़मीन लेकर इसमें बकरी रखने के लिए शेड बनवा सकते हैं। अगर आप साधारण बकरी पाल रहें है तो कोशिश करें कि ये ज़मीन किसी मैदान के आस-पास ही हो ताकि आपको बकरियों को चराने के लिए कहीं दूर ना भटकना पड़े।

शुरुआत में आप 8-10 बकरियों के साथ इस Business की शुरुआत कर सकते है बाद में धीरे-धीरे आप इसे बढ़ा सकते हैं।

अगर आप शुरू में 8 या 10 बकरियों के साथ इस Business किस शुरुआत करते हैं तो आपको इसके लिए लगभग 1 लाख रुपये इसे खरीदने के लिए ख़र्च करने पड़ेंगे। वहीं बकरियों को रखने के लिए तथा उनके चारे आदि के लिए आपको अलग से पैसे ख़र्च करने पड़ेंगे।

शुरुआत में आप चाहें तो अकेले ही इनका देखभाल कर सकते हैं, हालाँकि बाद में जब बकरियों की संख्या बढ़ जाएगी तो आपको और भी आदमी इनके देखभाल के लिए लगाने पड़ेंगे।

किसी भी Business को शुरू करने से पहले उसके Market Demand को जरूर समझ लेना चाहिए। इसीलिए आइये हम यहाँ पर बकरी पालन के भारत में Scope को भी जान लेते हैं।

भारत में बकरी पालन के Business का स्कोप?

भारत जैसे जनसंख्या बाहुल्य देश मे किसी भी पशु के पालन का Business काफ़ी Hit रहता है। वहीं अगर बात की जाए बकरी पालन की तो आपको बता दें कि भारत के प्रत्येक राज्य में बकरियों की काफ़ी Demand रहती है। भारत में लोग इसका माँस खाने के साथ ही बकरी के दूध को भी काफ़ी पसंद किया जाता है। इसके अलावा बकरी के चमड़े की भी Market में काफ़ी Demand रहती है।

इसलिए आप भारत के किसी भी राज्य में हो हर जग़ह पर आपको इस Business में हमेशा ही मुनाफ़ा होने वाला है। चूँकि हमारे देश मे धीरे-धीरे गाँव ख़त्म हो रहे हैं और जानवरों की संख्या में भी काफ़ी कमी आ रही है इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि आने वाले समय मे भी हमारे देश में बकरियों की काफ़ी Demand रहने वाली है।

अतः अगर आप पशुपालन का Business करना चाहते हैं तो बकरी पालन आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प है।

बकरी पालन के Business में Investment?

किसी भी Business को शुरू करने के लिए उसमें कुछ ना कुछ Investment जरूर लगता है। इसके साथ ही Business को शुरू करने से पहले उसके Investment को जरूर जान ले।

बकरी पालन के Business में बहुत ही मामूली सा Investment लगता है। शुरुआत में आप चाहें तो किसी गाँव मे खाली पड़ी जग़ह पर इसका शेड बनवा कर वहाँ पर 8 या 10 बकरी रख सकते हैं। इस तरह से शेड बनवाने के लिए आपको अधिकतम 1 लाख रुपये ख़र्च करने पड़ेंगे।

वहीं 8-10 बकरियाँ भी 50 हज़ार तक में आ जायेगी। इस तरह से लगभग 1.5 लाख से 2 लाख रुपये तक के Investment में आप इस Business को शुरू कर सकते हैं।

एक बार जब आपका Business सेट हो जाये तो आप इसके Investment को बढ़ा कर 10 लाख तक या फ़िर इससे भी अधिक बढ़ा सकते हैं।

बकरी पालन के Business से Income-

Bakri palan के Business में काफ़ी अच्छा Income होता है। इस Business से होने वाली कमाई का आँकड़ा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि एक बकरी के चारे और पालन में प्रतिदिन का खर्चा 6-7 रुपये तक का आता है। बारबरी बकरी एक साल में बेचने लायक तैयार हो जाती है वहीं साधारण बकरी को तैयार होने में 18 महीनें तक का समय लगता है।

साधारण बकरी की क़ीमत 7-10 हज़ार रुपये तक होती है। वहीं विशेष मौकों पर ये क़ीमत दोगुने से भी अधिक हों सकती है।

अगर आप अपनी बकरियों को सही Market में और सही समय पर बेचते हैं तो प्रति बकरी आप 6-7 हज़ार रुपये तक का मुनाफ़ा कमा सकते हैं। इसके अलावा बकरी के दूध को बेचकर भी आप पैसे कमा सकते हैं।

बकरी पालन की Training कहाँ से लें?

Business को तभी सफ़ल बनाया जा सकता है जब उसके बारे में पर्याप्त जानकारी हो, तथा उसके प्रत्येक Step का पता है। ऐसे में अगर आप बकरी पालन का Business करने जा रहे हैं तो आपके पास इस Business से जुड़ी सारी Training होनी चाहिए।

इसकी Training के लिए आपके लिए सबसे बेहतर तो यही होगा की आप किसी ऐसे व्यक्ति से सम्पर्क करने का प्रयास करें जो कि पहले से ही इस Business में Involve हो। इसके साथ ही भारत सरकार द्वारा बकरी पालन संबंधित Training देने के लिए एक Research Institute की भी स्थापना की गयी है जो कि उत्तर प्रदेश के मथुरा ज़िलें में स्थित है।

आप Online माध्यम से इसके Form को भरकर यहाँ से बकरी पालन संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। इस संस्थान द्वारा सालभर में 4 बार प्रशिक्षण दिया जाता है।

या फिर इस number पर call करे – 2763320 ।

Bakri palan shed का निर्माण –

Bakri palan में बकरियों को रखने के लिए Shed का निर्माण सबसे जरूरी और पहला Step है। बकरी पालन के विषेषज्ञों की मानें तो एक बकरी को रखने के लिए कम से कम 10 -12 वर्ग फुट की जग़ह चाहिए होती है। अतः आप जितनी भी बकरी पालनें जा रहें हैं उस हिसाब से Shed के लिए Area का Calculation कर सकते हैं।

साधारणतः 100 बकरियों को रखने के लिए 14×80 फुट का Area पर्याप्त रहता है। Shed के चारों तरफ़ Boundary Wall जरूर बनवाएं। इसके साथ ही Shed के अन्दर अच्छा Ventilation और पानी की उत्तम व्यवस्था होनी चाहिए।

Bakri palan shed Shed बनवाते समय कुछ बातें जरूर ध्यान में रखनी चाहिए।

जैसे कि-

  • Shed की सामने वाली दीवाल की ऊँचाई 5 फुट रखें और इस दीवाल में अधिकतर जाली ही लगवाएं। ताकि Shed के अन्दर Ventilation अच्छा रहें। इसके बाद अन्य बची तीनों दीवारों की ऊँचाई 12 फुट तक कि रखें और इस दीवाल की मोटाई भी 10 इंच से कम ना रखें। इससे ठंडी और गर्मी के मौसम में Shed के अन्दर का Temperature Control में रहेगा।
  • Shed की ज़मीन बनवाते समय उसमें ढाल जरूर दें ताकि Shed के अंदर पानी से सफ़ाई करते समय आसानी हो, इसके साथ ही बकरियों का मल मूत्र भी ढाल में आसानी से बह जाए।
  • Shed को तीन हिस्सों में Divide करें। बकरी के बच्चों, बकरों और बकरियों को अलग-अलग हिस्सों में रखें।
  • Shed की छत को एस्बेस्टस की चादरों का बनवाएं।
  • Shed की Boundary Wall के अन्दर पेड़ पौधे लगाए ताकि Shed के अंदर का Environment अच्छा बना रहे।

बकरियों के सही नस्ल के चुनाव करें?

बकरी पालन करते समय सही नस्ल की बकरियों का चुनाव भी एक महत्वपूर्ण Step है। बकरियों के साथ ही बकरों के नस्ल के चुनाव भी आपको सावधानी से करना है। सही नस्ल के बकरों सुर बकरियों का चुनाव ही आपको इस Business में सफ़लता दिलाएगा। भारत के अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग नस्ल की बकरियाँ और बकरे पाए जाते हैं।

अगर आप उत्तर प्रदेश से है तो यहाँ पर बकरी की सबसे अच्छी नस्ल बारबरी मानी जाती है। वहीं राजस्थान में बकरी की सबसे अच्छी नस्ल सिरोही, बीटल, सोजात की मानी जाती है। पश्चिम बंगाल में ब्लैक बंगाल को बकरी की सबसे अच्छी नस्ल मानी जाती है।

आप अपने Area के पशुपालन विभाग में जाकर सबसे उत्तम नस्ल वाली बकरी का पता कर सकते हैं। बकरियों को ख़रीदते समय इस बात का भी ध्यान रखें को जो भी बकरी आप ले रहे हैं वो एक बार बच्चे को जन्म दे चुकी हो। इससे बाँझ बकरी के मिलने का ख़तरा कम होता है, जो की आपको Business में नुक़सान होने से बचाता है।

बकरियों का चारा –

आप किसी भी बकरी का Market मे अच्छा दाम तभी पा सकते हैं जब आपकी बकरी एकदम स्वस्थ्य हो। आपकी बकरी स्वस्थ होगी तभी वो अच्छा दूध देगी और उसका माँस भी अच्छा होगा। ऐसे में बकरियों की सेहत अच्छी रखने के लिए उनका चारा उत्तम होना चाहिए।

पालन का मुख्य ख़र्चा बकरियों का चारा ही है। अतः हम आपको सलाह देंगे कि आप बकरी का चारा बाज़ार स ख़रीदने के बजाय ख़ुद ही पैदा करने का प्रयास करें।

इसके लिए आप किसी खेत में बरसीम, मक्का और बाज़रा आदि उगाकर हरे चारे के इंतज़ाम कर सकते हैं। ये हरे चारे काफ़ी पौष्टिक होते है जो कि इनके विकास में काफ़ी मदद करते हैं।

इसके साथ ही दरी, गेँहू का चोकर, चने का छिलका, सरसो की खली आदि भी बकरियों को चारें के रूप में दिया जाता है।

इन सभी चारों को पानी के साथ मिलाकर ही खाने के लिए दें। इससे बकरियों का पाचन अच्छा रहता है साथ ही उनका विकास भी तेज़ी से होता है।

हरे चारे के साथ ही आप बकरियों का साल भर खिलाने के लिए सूखे चारे के स्टॉक भी जरूर रख लें। अगर बकरी को सही तरह से चारा दिया जाए तो 7-8 महीने के भीतर ही इसका वज़न 25-30 किलो तक का हो जाता है। वही बकरियों की नस्ल का भी इनके विकास पर काफ़ी फ़र्क पड़ता है।

सूखे चारे का स्टॉक रखने के लिए Shed के पास में ही गोदाम जरूर बनवाएं। अगर आपके Shed के पास हरे घास का मैदान है तो आप इसे बाहर चराने के लिए भी ले जा सकते हैं। अगर आपके पास Shed के लिए पर्याप्त जग़ह मौजूद है तो आप इसके चारों तरफ़ Boundary Wall बनवाकर वहाँ पर घास उगा दें।

अब आप सुबह शाम बकरियों को खुला छोड़ दें, जिससे वो अपने आप Boundary के अन्दर उगी घास चरकर अपने Shed में वापस आ जाएंगी। इससे उन्हें अच्छा चारा भी मिल जाएगा और खुली जग़ह में रहने से उनका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा।

बकरी का रिप्रोडक्शन 

बकरियो का प्रजनन जितना अधिक होगा उतना ही आपका फ़ायदा है। बकरियों के रहने के स्थान के वातावरण को Control कर के इनके प्रजनन को बढ़ाया जा सकता है।

बकरियों पर हमेशा नज़र बनाये रखें और जब भी ये गरम हो तो इन्हें बकरे से पाल खिलवा दें। एक बार बच्चा देने के 30-40 दिन के भीतर वो फ़िर से बच्चे को जन्म देने लायक हो जाती है।

अतः आप बकरे से एक निश्चित समय अंतराल पर बकरियों को पाल खिलवाते रहें। ताकि आपके बकरियों और बकरों की संख्या हमेशा बढ़ती रहे। जितनी तेजी से आपकी बकरियाँ बच्चे को जन्म देंगी उतनी ही तेज़ी से आपका व्यापार भी बढ़ेगा।

बकरियों को होने वाले रोग और उनका इलाज़ –

पशुपालन के Business में जानवरों को होने वाला रोग इसकी असफलता का मुख्य कारण बनता है। कई बार तो जब किसी एक जानवर को कोई संक्रमण रोग हो जाता है तो धीरे-धीरे सारे जानवर उस रोग के चपेट में आ जाते हैं। इससे पूरा-पूरा का Business ही खत्म हो जाता है।

ऐसे में हमारी आपको यही सलाह होगी कि आप समय-समय पर अपनी बकरियों के स्वास्थ्य की जाँच करवाते रहें। इसके साथ ही जब भी कोई बकरी थोड़ी सी भी सुस्त लगे तो तुरन्त ही उसे पशु डॉक्टर को दिखाएं।

यहाँ पर हम बकरियों को लगने वाले कुछ मुख्य टीको को जान लेते हैं। जिसकी मदद से आप बकरियों को रोग की चपेट में आने से बचा सकते हैं।

  • जब भी नई बकरियों को Shed में ले आये तो उसका टीकाकरण और डिवार्मिंग जरूर करवाएं।
  • बकरियों को Foot और Mouth Disease का टीका PPR, और CCPP जरूर लगवाएं। इससे इनमें विभिन्न रोगों से लड़ने की क्षमता का विकास होता है।
  • बकरियों को एल्बेंडाजोल टेबलेट चारे में मिलाकर खिला दें। इससे उनके पेट मे मौजूद कीड़ों को ख़त्म करनें में मदद मिलेगी।
  • प्रत्येक 3 महीने के अन्तराल पर बकरियों की डिवार्मिंग करवाते रहें।
  • एंट्रेटेक्सेमिया का टीका भी बकरियों को जरूर लगवाएं इससे उनकी रोग प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ती है।

बकरी पालन से कैसे कमाएं मुनाफ़ा? 

Bakri palan से आप कई तरह से मुनाफ़ा कमा सकते हैं। आप बकरी के दूध को बेच कर पैसे कमा सकते हैं। वहीं आप इसे पशु बाज़ार में ले जा कर बेच सकते हैं।

इसका अच्छा दाम पाने के लिए हम आपको यही सलाह देंगे कि आप इसे Local Market में और फ़ूटकर दर पर बेचें। इसके लिए आपको अपने आस-पास के Market को Manage करना पड़ेगा। इसमें Time तो लगेगा लेकिन एक बार अगर आपने Local Market में पकड़ बना ली तो आप काफ़ी अच्छा Business कर सकते हैं।

इसके साथ ही विभिन्न होटलों, शादी तथा अन्य Function पर भी बकरियों की Supply करने का प्रयास करें। अगर आपके पास बकरियों का काफ़ी ज्यादा स्टॉक मौजूद है तो आप इसे बाहर भी Supply कर के पैसा कमा सकते हैं।

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